आपात अनुक्रिया सहयोग प्रणाली
Emergency Response Support System (ERSS)
आपात अनुक्रिया सहयोग प्रणाली (ERSS), भारत सरकार की एक महत्वकांक्षी परियोजना है। इस योजना में आपात स्थिति में पुलिस, अग्निशमन, स्वास्थ्य से संबंधित आपातकालीन सहायता हेतु एकीकृत रूप से 112 डायल करने की सुविधा है। अब राज्य के नागरिक 112 डायल कर तत्काल सहायता ले पा रहे है।
राज्य के नागरिकों को पुलिस, अग्निशमन, स्वास्थ्य और अन्य आपातकालीन सेवाओं की आवश्यकता होने पर निम्न माध्यमों से सम्पर्क कर आपातकालीन सहायता प्राप्त किया जा सकता है:-
-
112 डायल करे।
-
पैनिक बटन: स्मार्ट फोन का पावर बटन को लगातार 3 बार तथा फीचर फोन पर '5' या '9' का बटन दबाकर।
-
मोबाइल ऐप: पैनिक अलर्ट और लोकेशन शेयरिंग के लिए "112 इंडिया" मोबाइल ऐप का उपयोग करे।
-
फोन से 112 पर SMS करने पर।
-
ERSS Website https://br.erss.in पर लॉग इन कर अपना SOS संदेश दें।
-
एकीकृत Command & Control Centre को SOS अलर्ट हेतु E-Mail करें।
ERSS का Command & Control Centre, राजवंशी नगर, बिहार पुलिस रेडियो परिसर में 24X7 कार्यरत है।
प्रभाग प्रमुख एवं पदाधिकारी -
मुख्यालय स्तर पर पदाधिकारियों की विवरणी :-
जिला स्तर पर - संबंधित जिला के
1.
वरीय पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक- नोडल पदाधिकारी
2.
पुलिस उपाधीक्षक(मुख्यालय)- सब-नोडल पदाधिकारी
3.
जिला समन्वय केन्द्र (DCC) जिलों में कार्यरत है।
1. प्रशासन:-
●
ERSS, Command & Control Centre, Patna में पदस्थापित पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मियों के कार्यों का अनुश्रवण एवं अनुशासन।
●
Command & Control Centre एवं जिलों में कार्यरत कर्मियों को ERSS से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाना।
●
स्कूलों, कॉलेजों तथा अन्य संस्थानों में ERSS के कार्य प्रणाली से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम चलाना।
●
लोक सूचना अधिकार तथा ERSS से संबंधित प्राप्त अन्य शिकायत से संबंधित पत्रों का निस्तारण।
2. अभियान :-
●
जिला में DCC एवं आपातकालीन वाहनों (ERVs) पर कार्यरत/प्रतिनियुक्त पुलिस कर्मियों का नियमित मॉनिटरिंग एवं उनके कार्यों की समीक्षा की जाती है।
●
डायल-112 सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करने हेतु सहायता प्राप्त नागरिकों से फीडबैक लिया जाता है।
●
सेवाओं की गुणवत्ता बनाये रखने हेतु ऑकड़ों की समीक्षा कर कार्यप्रणाली में सुधार लाने हेतु कार्रवाई।
●
"सुरक्षित सफर सुविधा" के माध्यम से राज्य में अकेले सफर करनेवाली महिलाओं को सुरक्षित गंतव्य तक पहुँचाना है। इस सुविधा के अन्तर्गत महिलाएं अपनी यात्रा की जानकारी डायल-112 से साझा कर सुरक्षित गंतव्य तक पहुँच सकती है। इसके लिए तकनीकी रूप से नजर रखी जाती है तथा आपात स्थिति में या आवश्यकतानुसार ERV भेजकर तत्काल सहायता पुहँचा कराई जाती है।
●
डाटा संग्रहण:- ERSS Dail-112 से संबंधित डाटा का संग्रहण तथा रख-रखाव।
▫
वर्तमान में ERSS परियोजना में 1833 ERVs वाहनों (1283 चार पहिया एवं 550 दो पहिया) 1586 एम्बुलेंस, 805 अग्निशमन सेवा के वाहनों के माध्यम से औसतन 15 मिनट में आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही है।
▫
जुलाई-2022 से दिसम्बर-2025 तक कुल 51 लाख से अधिक नागरिकों को सहायता पहुँचाई गई है।
▫
"सुरक्षित सफर सुविधा" के तहत प्रारम्भ सितम्बर-2024 से अबतक 206 सफर करनेवाली महिलाएँ डायल-112 से सूचना साझा कर अपने गंतव्य तक सुरक्षित पहुँचने हेतु सहयोग प्राप्त किया गया।
डायल-112 आपातकालीन सेवा है।
यह सेवा पूर्णतः निःशुल्क है।
xxxxxxxxxx